नौ दिनों तक मां दुर्गा के मंत्रों का जाप करें।
सामग्री तैयार करें: मिट्टी का पात्र (जिसमें जौ उगाने के लिए मिट्टी भरी हो)
* ऐसी बीमारियां जिनका इलाज संभव नहीं है, वह भी काली की पूजा से समाप्त हो जाती हैं।
जीवन में आने वाले संकट और बाधाएं दूर होती हैं।
हर दिन अलग-अलग देवी का आह्वान और मंत्र जाप करें।
बगलामुखी : ॐ ह्लीं बगलामुखी सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय, जिव्हा कीलय, बुद्धिं विनाश्य ह्लीं ॐ स्वाहा:।
डॉ. कुणाल कुमार झा ने बताया कि इस नवरात्रि में साधक लोग पूरे विश्व के भले के लिए साधना करेंगे, जिससे अच्छा फल मिले. यह नवरात्रि तंत्र साधकों के लिए खास मानी जाती है, जो अपनी तंत्र साधना को दूसरों से छिपाकर करते हैं.
Gupt Navratri is very significant for individuals who are deeply linked to the sector of tantra, yoga, mantra, and sadhana. This is the best time to accomplish good results in Distinctive sadhana and also to get blessings from the Guru.
* शनि-राहु की महादशा या अंतरदशा, शनि की साढ़े साती, शनि का ढइया आदि सभी से काली रक्षा करती हैं।
इसमें पहले कलश को गंगा जल से भरें, उसके मुख पर आम की पत्तियां लगाएं और उस पर नारियल रखें।
साधक को मनोवांछित सिद्धियां और फल प्राप्त होते हैं।
मां दुर्गा की प्रतिमा को लाल रंग के वस्त्र में सजाएं।
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कलश में गंगाजल भरें और उसमें थोड़ा सा गंगाजल, चंदन, here और दूर्वा डालें।
* हर तरह की बुरी आत्माओं से माता काली रक्षा करती हैं।